Sentencing the convict to rigorous imprisonment for life with 30 years of jail without remission, the court opined that the murder was, apparently, because of panic to destroy the evidence of rape and not a premeditated act.
भारत
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Moneycontrol26-12-2025, 18:09

हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म में मौत की सजा घटाई, मां को बरी किया; 'राजा बेटा' प्रेम पर टिप्पणी.

  • पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषी की मौत की सजा को आजीवन कारावास (30 साल बिना छूट) में बदल दिया.
  • कोर्ट ने दोषी की मां कमला देवी को बरी कर दिया, कहा 'राजा बेटा' को बचाने के लिए उसे दंडित करने का कोई IPC प्रावधान नहीं है.
  • अदालत ने माना कि हत्या दुष्कर्म के सबूत मिटाने की घबराहट में की गई थी, न कि पूर्व नियोजित, जिससे सजा कम की गई.
  • हाईकोर्ट ने जुर्माना राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये की और 'राजा बेटा' के प्रति मां के अंध प्रेम व पितृसत्तात्मक मानसिकता पर टिप्पणी की.
  • अदालत ने कहा कि जब मृत्युदंड पर दो विचार संभव हों, तो मृत्युदंड न देने वाले विचार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर सुधार की संभावना होने पर.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कोर्ट ने मौत की सजा आजीवन कारावास में बदली, मां को बरी किया, 'राजा बेटा' मानसिकता पर प्रकाश डाला.

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