The India-EU FTA emerges as a state-level growth opportunity to scale India’s most competitive export ecosystems
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Moneycontrol27-01-2026, 15:43

भारत-ईयू एफटीए: "मदर ऑफ ऑल डील्स" से भारतीय राज्यों को कैसे मिलेगा लाभ?

  • भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) से भारत के यूरोपीय संघ को निर्यात में 6.4 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने का अनुमान है, जिससे एमएसएमई, निर्माताओं, किसानों और पेशेवरों के लिए बाजार खुलेंगे.
  • एफटीए में 9,425 टैरिफ लाइनों को समाप्त करने का प्रस्ताव है, जिससे कपड़ा, परिधान, चमड़ा, रत्न और आभूषण जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों के साथ-साथ इंजीनियरिंग सामान और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उच्च-तकनीकी निर्यातों के लिए बाजार पहुंच बढ़ेगी.
  • महाराष्ट्र के पुणे (इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा) और मुंबई (रत्न और आभूषण) में ऑर्डर बढ़ेंगे, जबकि गुजरात के सूरत (कपड़ा, हीरे) और भरूच-वडोदरा (रसायन) निर्यात बढ़ाएंगे.
  • तमिलनाडु के तिरुपुर (परिधान) और वेल्लोर-अंबूर (चमड़ा) को टैरिफ कटौती से लाभ होगा, और पश्चिम बंगाल के उत्तरी बंगाल (दार्जिलिंग चाय) और दीघा-हल्दिया (समुद्री भोजन) यूरोपीय संघ के बाजारों तक पहुंच बनाएंगे.
  • केरल (मसाले, समुद्री भोजन), कर्नाटक (उन्नत विनिर्माण), आंध्र प्रदेश (समुद्री भोजन, फार्मा), तेलंगाना (कपड़ा, फार्मा), पंजाब (परिधान, खेल के सामान), राजस्थान (आभूषण, हस्तशिल्प) और उत्तर प्रदेश (चमड़ा, शिल्प) जैसे राज्य भी महत्वपूर्ण निर्यात वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए तैयार हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए भारतीय राज्यों के लिए एक बड़ा विकास अवसर है, जो विभिन्न क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ावा देगा.

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