मोहन भागवत: भारत एक हिंदू राष्ट्र है, संवैधानिक मंजूरी की आवश्यकता नहीं.

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Moneycontrol•21-12-2025, 21:19
मोहन भागवत: भारत एक हिंदू राष्ट्र है, संवैधानिक मंजूरी की आवश्यकता नहीं.
- •आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भारत को एक अंतर्निहित "हिंदू राष्ट्र" घोषित किया, कहा कि इसके लिए संवैधानिक मंजूरी की आवश्यकता नहीं है, इसकी तुलना सूर्योदय से की.
- •कोलकाता में '100 व्याख्यान माला' को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि जब तक लोग भारतीय संस्कृति और पूर्वजों को संजोते हैं, भारत एक हिंदू राष्ट्र है.
- •उन्होंने आलोचकों को "मुस्लिम विरोधी" धारणाओं को दूर करने के लिए आरएसएस के साथ सीधे जुड़ने के लिए आमंत्रित किया, संगठन की पारदर्शिता पर जोर दिया.
- •भागवत ने जनसंख्या वृद्धि को चुनौती और संपत्ति दोनों बताया, विभिन्न कारकों के आधार पर 50-वर्षीय नीति की वकालत की.
- •उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप की आलोचना की, परंपराओं को संरक्षित करने के लिए विवाह की भूमिका को एक मौलिक सामाजिक इकाई के रूप में रेखांकित किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मोहन भागवत का दावा है कि भारत कानून से नहीं, बल्कि सच्चाई से एक हिंदू राष्ट्र है, और उन्होंने विभिन्न सामाजिक मुद्दों को संबोधित किया.
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