मोहन भागवत ने सामाजिक समरसता, मातृभाषा के उपयोग का किया आह्वान: 'देश सबका है'.

भारत
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Moneycontrol•03-01-2026, 15:10
मोहन भागवत ने सामाजिक समरसता, मातृभाषा के उपयोग का किया आह्वान: 'देश सबका है'.
- •आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सामाजिक समरसता पर जोर दिया, लोगों से जाति, धन, भाषा और क्षेत्र के भेदों से ऊपर उठने का आग्रह किया.
- •उन्होंने घर में मातृभाषा के उपयोग और अन्य राज्यों में स्थानीय भाषा सीखने पर जोर दिया, सभी भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय बताया.
- •भागवत ने कहा कि 'पूरा देश सबका है', भेदभाव से मुक्त समावेशी मानसिकता की वकालत की.
- •उन्होंने सभी हिंदुओं के लिए मंदिरों, जल निकायों और श्मशान घाटों जैसे साझा स्थानों तक समान पहुंच का आह्वान किया.
- •भागवत ने भावनात्मक संबंधों को मजबूत करने के लिए नियमित पारिवारिक बातचीत और 'मंगल संवाद' को प्रोत्साहित किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मोहन भागवत ने सामाजिक समरसता, भाषाई सम्मान और समावेशिता की वकालत की, एकता पर जोर दिया.
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