
भारत और रूस के बीच परामर्श से द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों, जिसमें पश्चिम एशिया संकट भी शामिल है, पर ध्यान केंद्रित करके रणनीतिक सहयोग को गहरा करने की संभावना है [1][2]।
भारत और रूस ने पश्चिम एशिया संकट और इसके आर्थिक परिणामों पर चर्चा को प्राथमिकता दी [1][3]। उन्होंने आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए [2][4]।
उच्च-स्तरीय संपर्कों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हुए विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की [1]।