
पश्चिम एशिया संकट भारत को अपनी रणनीतिक साझेदारियों और राजनयिक जुड़ाव को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित कर रहा है, साथ ही यह अपनी ऊर्जा सुरक्षा रणनीति के पुनर्मूल्यांकन और l के लिए तैयारी को भी आवश्यक बना रहा है।
दिए गए स्रोतों में उन आर्थिक क्षेत्रों का उल्लेख नहीं है जिन्हें 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लक्षित किया गया है। हालांकि, एस.
भारत और रूस के रणनीतिक संरेखण को प्रभावित करने वाले पश्चिम एशिया से परे के वैश्विक घटनाक्रमों में विकसित होती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और बदलती भू-राजनीतिक गतिशीलता शामिल हैं।