Yuvraj Mehta lost his life drowning in the pit with no signboards nearby
भारत
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Moneycontrol25-01-2026, 13:57

नोएडा टेकिए की मौत: SIT ने 'संस्थागत विफलताओं' को ठहराया जिम्मेदार, 'दुर्घटना' नहीं

  • SIT ने निष्कर्ष निकाला कि युवराज मेहता की मौत रोकी जा सकती थी, जो शहरी नियोजन, सड़क सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया में प्रणालीगत विफलताओं के कारण हुई.
  • 27 वर्षीय मेहता की ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में घने कोहरे के बीच एक बिना निशान वाले, पानी से भरे गड्ढे में उनकी एसयूवी गिरने के बाद डूबने से मौत हो गई थी.
  • जांचकर्ताओं ने बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण देरी पाई, नोएडा अथॉरिटी, पुलिस, अग्निशमन सेवाओं और आपदा प्रबंधन की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए.
  • कमियों में निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की अनुपस्थिति, अपर्याप्त प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता प्रशिक्षण/उपकरण और NDRF जैसी विशेष इकाइयों को देरी से सूचित करना शामिल था.
  • बिज टाउन प्लानर के अभय कुमार सहित पांच बिल्डरों को FIR में नामित किया गया है; मेहता का परिवार कड़ी जवाबदेही की मांग कर रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: युवराज मेहता की मौत कई संस्थागत विफलताओं का परिणाम थी, जो सार्वजनिक सुरक्षा में गंभीर खामियों को उजागर करती है.

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