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Moneycontrol29-01-2026, 16:07

आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा

  • सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन से जुड़े लंबे समय से चल रहे मामले में सभी राज्यों और हितधारकों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
  • न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन वी अंजारी की पीठ ने दलीलें पूरी कीं और सभी पक्षों को एक सप्ताह के भीतर लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया.
  • अदालत ने पशु जन्म नियंत्रण, कुत्ते आश्रयों और संवेदनशील स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के संबंध में राज्यों द्वारा ठोस कार्रवाई की कमी पर गंभीर चिंता व्यक्त की, उनके स्पष्टीकरणों को "हवा में महल" बताया.
  • न्यायाधीशों ने अनुपालन रिपोर्टों को "कहानी सुनाना" कहकर आलोचना की और चिंताजनक आंकड़ों पर प्रकाश डाला, जिसमें 2024 में असम में 1.66 लाख कुत्ते के काटने के मामले शामिल हैं, जबकि वहां केवल एक कुत्ता केंद्र है.
  • एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल ने सुझाव दिया कि आंध्र प्रदेश अपने 39 एबीसी केंद्रों का अनुकूलन करे और अधिक के लिए समय-सीमा निर्धारित करे, जबकि असम से अपने अपर्याप्त नसबंदी बुनियादी ढांचे का विस्तार करने का आग्रह किया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर फैसला सुरक्षित रखा, राज्यों की निष्क्रियता और काटने के आंकड़ों पर चिंता व्यक्त की.

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