धारा 17A पर सुप्रीम कोर्ट का खंडित फैसला: भ्रष्टाचार जांच का भविष्य अनिश्चित.

भारत
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Moneycontrol•13-01-2026, 13:58
धारा 17A पर सुप्रीम कोर्ट का खंडित फैसला: भ्रष्टाचार जांच का भविष्य अनिश्चित.
- •सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A की संवैधानिक वैधता पर खंडित फैसला सुनाया.
- •न्यायमूर्ति नागरत्ना ने धारा 17A को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों में बाधा डालती है और भ्रष्टों को बचाती है.
- •न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने धारा 17A की वैधता को एक स्क्रीनिंग तंत्र के रूप में बरकरार रखा, लेकिन सुझाव दिया कि मंजूरी का निर्णय लोकपाल/लोकायुक्त के पास होना चाहिए.
- •यह असहमति भारत के भ्रष्टाचार विरोधी ढांचे में प्रारंभिक चरण की स्वीकृतियों के संबंध में एक गहरी दरार को उजागर करती है.
- •मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास एक बड़ी पीठ के गठन के लिए भेजा गया है, तब तक धारा 17A लागू रहेगी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धारा 17A पर सुप्रीम कोर्ट के खंडित फैसले से लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच का भविष्य अनिश्चित है.
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