देवी कृष्णप्रिया साध्वी ने अंडे से समझाया जीवन, रिश्तों के लिए दिया शिव-पार्वती का उदाहरण.

पलामू
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News18•08-02-2026, 10:39
देवी कृष्णप्रिया साध्वी ने अंडे से समझाया जीवन, रिश्तों के लिए दिया शिव-पार्वती का उदाहरण.
- •वृंदावन की कथा वाचिका देवी कृष्णप्रिया साध्वी ने पलामू में भगवान परशुराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आध्यात्मिक संदेश दिए.
- •1997 में मथुरा में जन्मी कृष्णप्रिया का आध्यात्मिक सफर बचपन से ही शुरू हुआ, जो उनके धार्मिक परिवार और श्रीकृष्ण भक्ति से प्रभावित था.
- •उन्होंने 5 साल की उम्र में दीक्षा ली और 7 साल की उम्र में कुंभ मेले में श्रीमद् भागवत कथा सुनाना शुरू किया, अपनी सफलता का श्रेय मां, गुरु और संत समुदाय को दिया.
- •कृष्णप्रिया ने AI युग में युवाओं के लिए आध्यात्मिकता के महत्व पर जोर दिया, कहा कि यह असुरक्षा से निपटने और जीवन को सक्रिय बनाने में मदद करता है.
- •उन्होंने अंडे के दृष्टांत का उपयोग किया: बाहर से टूटना जीवन समाप्त करता है, लेकिन अंदर से टूटना जीवन विकसित करता है, यह दर्शाता है कि आंतरिक आध्यात्मिकता बाहरी असफलताओं को कैसे दूर करती है. उन्होंने शिव-पार्वती का उदाहरण देते हुए रिश्तों में विश्वास, समझ, प्रेम और सहिष्णुता पर भी प्रकाश डाला और बच्चों में संस्कार डालने में माता-पिता की भूमिका पर जोर दिया.
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