गुरुदेव श्री श्री रविशंकर. फोटो-इंस्टाग्राम
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News1820-01-2026, 22:18

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर: आप अपनी भूमिकाओं से बड़े हैं, अपनी सच्ची पहचान जानें

  • गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर बताते हैं कि पेशा या भूमिकाएँ हमारी सच्ची पहचान नहीं हैं; हम अपनी भूमिकाओं के योग से कहीं अधिक हैं.
  • आध्यात्मिक यात्रा 'हम कौन हैं' की जिज्ञासा और अपने मूल स्रोत की खोज से शुरू होती है, जो धार्मिक कट्टरता से परे है.
  • धर्म और आध्यात्मिकता में अंतर है: धर्म बाहरी अनुष्ठान (छिलका) है, जबकि आध्यात्मिकता जीवन के स्रोत की आंतरिक खोज (केला) है.
  • विचार एक अज्ञात क्षेत्र से उत्पन्न होते हैं, और उनकी गुणवत्ता हमारी आंतरिक स्थिति को दर्शाती है; अंतर्ज्ञान, कला और विज्ञान इसी सुलभ क्षेत्र से आते हैं.
  • शरीर, विचारों और भावनाओं में निरंतर परिवर्तन के बावजूद, एक अविनाशी 'स्व' स्थिर रहता है, जो हमें परमात्मा से जोड़ता है और सच्ची जीवन सफलता को सक्षम बनाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भूमिकाओं और बदलती परिस्थितियों से परे अपनी सच्ची पहचान खोजें ताकि आध्यात्मिक संरेखण और स्थायी सफलता प्राप्त हो सके.

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