गुलगुलिया-बंजारा समाज: पहचान की चुनौतियां और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल.
रांची
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News1830-01-2026, 12:29

गुलगुलिया समुदाय: खानाबदोश या संगठित गिरोह? बढ़ती शंका और अनकही कहानी

  • गुलगुलिया, जिन्हें बंजारा भी कहते हैं, खानाबदोश लोग हैं जो सड़क किनारे टेंट में रहते हैं और सामान बेचते हैं; इनका मूल स्थान राजस्थान है.
  • समाजसेवियों का कहना है कि पहले ये लोग आजीविका के लिए भटकते थे, लेकिन अब आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी इनमें शामिल हो गए हैं, जिससे समुदाय पर शक बढ़ गया है.
  • स्थायी पते की कमी पुलिस के लिए इनकी पहचान और निगरानी को मुश्किल बनाती है, जिससे मजबूरी और अपराध के बीच अंतर करना कठिन हो जाता है.
  • बाल अधिकार कार्यकर्ता बताते हैं कि संगठित गिरोहों द्वारा बच्चों का शोषण और तस्करी की जाती है, उन्हें भीख मांगने या सामान बेचने के लिए मजबूर किया जाता है.
  • समाज को यह पहचानना होगा कि कौन मजबूरी में भटक रहा है और कौन इस भटकाव की आड़ में अपराध कर रहा है, ताकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गुलगुलिया समुदाय पर आपराधिक घुसपैठ के कारण संदेह बढ़ रहा है, जिससे पुलिस और समाज के लिए खानाबदोशों और संगठित अपराध में अंतर करना एक चुनौती है.

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