
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हजारीबाग के वीर वस्त्रालय को विदेश से महावीर झंडे के ऑर्डर मिलने का कोई उल्लेख नहीं है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुलाम जलानी के मुस्लिम परिवार द्वारा कितनी पीढ़ियों से महावीरी झंडे बनाए जा रहे हैं, इसके बारे में विवरण उपलब्ध नहीं हैं।
हजारीबाग की रामनवमी अयोध्या का अहसास कराती है, क्योंकि इसके मोहल्लों और चौराहों का नाम अयोध्या के नामों की तर्ज पर रखा गया है।