धनबाद में वैचारिक विवाह: न पंडित, न मंत्र, संविधान की शपथ और समानता बनी पहचान.

धनबाद
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News18•21-01-2026, 17:00
धनबाद में वैचारिक विवाह: न पंडित, न मंत्र, संविधान की शपथ और समानता बनी पहचान.
- •कॉमरेड युगल गौरव विद्रोही और अजरानी निशानी ने धनबाद के गांधी सेवा समिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों और आडंबर को त्यागकर वैचारिक विवाह किया.
- •समारोह में संविधान की शपथ ली गई, जिसमें धार्मिक अनुष्ठानों के बजाय आपसी सम्मान और साझा विचारधाराओं पर जोर दिया गया.
- •विवाह अत्यंत सादगीपूर्ण था: कोई बारात, डीजे, आतिशबाजी या महंगे कपड़े नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और विचारों पर केंद्रित था.
- •गौरव (CPIML कार्यकर्ता) और अजरानी (CPIML नेता, लेखिका) दोनों मजदूर, किसान और वंचित वर्गों के लिए सामाजिक संघर्ष के प्रति प्रतिबद्ध हैं.
- •यह युगल 2015 में पटना में एक पार्टी सम्मेलन में मिला था, और उनका मिलन विवाह के आडंबर के खिलाफ एक संदेश देने और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धनबाद में एक जोड़े का वैचारिक विवाह, बिना रीति-रिवाजों के, संवैधानिक मूल्यों, समानता और सामाजिक प्रतिबद्धता पर जोर देता है.
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