रामेश्वर प्रसाद वर्णवाल की रेडियो 
कोडरमा
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News1815-02-2026, 16:03

झुमरी तिलैया: तीन दशक तक रेडियो पर गूंजा नाम, कैसे बना फरमाइशी गीतों का गढ़.

  • झारखंड के कोडरमा जिले का छोटा सा शहर झुमरी तिलैया तीन दशकों तक रेडियो फरमाइशी कार्यक्रमों के कारण देशभर में मशहूर हो गया.
  • स्थानीय अभ्रक व्यवसायी रामेश्वर प्रसाद बरनवाल ने इस प्रसिद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वे रेडियो शिलांग और विविध भारती जैसे स्टेशनों को प्रतिदिन 20-25 गाने की फरमाइश वाले पोस्टकार्ड भेजते थे.
  • उनका नाम अक्सर रेडियो पर आता था, जिससे उनके परिवार और शहर को गर्व महसूस होता था; उन्होंने 1960 से 1990 तक यह सिलसिला जारी रखा.
  • अन्य निवासियों ने भी इस चलन में भाग लिया, जिससे अपने गाने बजवाने के लिए एक अनूठी प्रतिस्पर्धा शुरू हुई, कभी-कभी वे पोस्टमैन को भी प्रोत्साहन देते थे.
  • शहर का नाम रेडियो फरमाइशों से इतना जुड़ गया कि कई लोगों को लगा कि यह एक काल्पनिक जगह है, और वे अपने गाने बजवाने के लिए झुमरी तिलैया के पते पर पोस्टकार्ड भेजते थे.

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