शहीद अजय लाकरा: तालाब की मिट्टी बेचकर सेना में भर्ती, गरीबी से देश सेवा तक का सफर

रांची
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News18•26-01-2026, 13:26
शहीद अजय लाकरा: तालाब की मिट्टी बेचकर सेना में भर्ती, गरीबी से देश सेवा तक का सफर
- •जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए जवान अजय लाकरा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाबेद नगरी, रांची पहुंचा और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.
- •उनकी मां पोकलो देवी ने बताया कि अजय ने अत्यधिक गरीबी से लड़ते हुए तालाब की मिट्टी बेचकर और नंगे पैर स्कूल जाकर अपनी फीस भरी थी.
- •अजय की मां ने मजदूरी करके और हड़िया बेचकर अपने बच्चों को पढ़ाया, जिससे उन्हें सरकारी नौकरी मिल सकी.
- •अजय ने अपनी बहनों की शादी और घर के खर्चों सहित सभी पारिवारिक जिम्मेदारियां संभालीं और अपनी शादी को टाल दिया था.
- •कठिनाइयों के बावजूद, अजय ने कभी शिकायत नहीं की और हमेशा देश की सेवा करने पर ध्यान केंद्रित किया, सेना में शामिल होने का अपना सपना पूरा किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शहीद अजय लाकरा का जीवन गरीबी से लड़कर देश सेवा करने और सर्वोच्च बलिदान देने की प्रेरणादायक कहानी है.
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