पलामू में बाघ देवता की स्थापना: वन्यजीव संरक्षण की नई मिसाल
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पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ देवता की स्थापना, आस्था और वन्यजीव संरक्षण का संगम.
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News18•22-03-2026, 13:09
पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ देवता की स्थापना, आस्था और वन्यजीव संरक्षण का संगम.
•झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व में सरहुल के अवसर पर बाघ देवता की स्थापना की गई, जो बाघ को प्रकृति के रक्षक के रूप में मान्यता देता है.
•छिपादोहर के लाट गांव में 15 से अधिक गांवों के निवासियों ने बाघ देवता के लिए पारंपरिक अनुष्ठान किए, आस्था को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता से जोड़ा.
•सरहुल उत्सव, प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक, को बाघ को देवता के रूप में स्थापित करने के लिए चुना गया, इसे जंगल का रक्षक माना गया.
•पलामू टाइगर रिजर्व के उप निदेशक प्रजेशकांत जेना ने कहा कि यह पहल वन और वन्यजीव संरक्षण में लोगों की आस्था को मजबूत करेगी, बाघ देवता को संरक्षण का प्रतीक बनाएगी.
•झारखंड में पहली बार किसी बाघ को देवता के रूप में स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य 1152 वर्ग किलोमीटर में फैले पलामू टाइगर रिजर्व में भविष्य की पीढ़ियों में वनों और वन्यजीवों के प्रति सम्मान पैदा करना है.