गुयाना: दुनिया का एकमात्र खाद्य आत्मनिर्भर देश, भारतीय जड़ों से जुड़ा

ज्ञान
N
News18•21-01-2026, 19:05
गुयाना: दुनिया का एकमात्र खाद्य आत्मनिर्भर देश, भारतीय जड़ों से जुड़ा
- •गुयाना, एक दक्षिण अमेरिकी देश, दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो अपनी 800,000 आबादी के लिए सभी सात आवश्यक खाद्य श्रेणियों का उत्पादन करके खाद्य उत्पादन में पूरी तरह से आत्मनिर्भर है.
- •गुयाना की लगभग 40% आबादी भारतीय मूल के लोगों की है, जिनके पूर्वजों को 19वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे क्षेत्रों से गन्ने के बागानों में काम करने के लिए भेजा गया था.
- •देश की सफलता का श्रेय कृषि बजट में उल्लेखनीय वृद्धि (468%), चावल और चीनी से परे मक्का, सोयाबीन और डेयरी को शामिल करने के लिए विविधीकरण, और बुनियादी ढांचे तथा किसान शिक्षा में निरंतर निवेश को दिया जाता है.
- •गुयाना सभी सात खाद्य श्रेणियों का उत्पादन करता है: स्टार्चयुक्त मुख्य खाद्य पदार्थ, फलियां/मेवे/बीज, सब्जियां, फल, डेयरी, मांस और मछली, यह एक ऐसी उपलब्धि है जो अमेरिका, चीन या भारत जैसे बड़े कृषि प्रधान देशों ने भी हासिल नहीं की है.
- •अपनी कृषि सफलता के बावजूद, गुयाना ने अपने मूल वन क्षेत्र के 85% से अधिक को संरक्षित रखा है, जो व्यापक वनों की कटाई के बिना स्थायी खाद्य उत्पादन को दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गुयाना दुनिया का एकमात्र खाद्य आत्मनिर्भर देश है, जो सतत कृषि का एक मॉडल है.
✦
More like this
Loading more articles...





