পৃথিবীতে এমন এক দেশ আছে যে তার সমস্ত খাদ্য চাহিদা নিজেই পূরণ করে এবং তার সমগ্র জনসংখ্যার জন্য যথেষ্ট পরিমাণে সে সব উৎপাদন করে। তারা বিদেশ থেকে কিছুই আমদানি করে না। এটি একটি ছোট দেশ। এর জনসংখ্যার ৪০ শতাংশ ভারতীয় বংশোদ্ভূত, যাদের একসময় সেখানে পাঠানো হয়েছিল এবং এখন তারা সেখানকার স্থায়ী বাসিন্দা। দক্ষিণ আমেরিকার এই দেশটির নাম গায়ানা বা গুয়ানা। এর মোট জনসংখ্যা মাত্র ৮০০,০০০, যার মধ্যে ভারতীয় বংশোদ্ভূত মানুষের সংখ্যা ৩২০,০০০ থেকে ৩৫০,০০০-এর মধ্যে পড়ে। ১৯ শতকে যখন ভারত ব্রিটিশ শাসনের অধীনে ছিল, তখন ভারত থেকে প্রচুর সংখ্যক লোককে আখ চাষের কাজ করার জন্য সেখানে পাঠানো হত। এদের সাধারণত উত্তরপ্রদেশ, বিহার এবং আশপাশের অঞ্চল থেকে গায়ানায় পাঠানো হত। (Representative Image)
ऑफ बीट
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News1823-01-2026, 09:48

गुयाना: दुनिया का एकमात्र देश जो खाद्य आत्मनिर्भर है, कुछ भी आयात नहीं करता

  • गुयाना, 800,000 आबादी वाला दक्षिण अमेरिकी देश (40% भारतीय मूल के), दुनिया का एकमात्र देश है जो अपनी सभी खाद्य आवश्यकताओं का उत्पादन करता है और कुछ भी आयात नहीं करता है.
  • गुजरात के आकार के बराबर, गुयाना का 85% वर्षावन से ढका है, फिर भी यह अपनी आबादी के लिए सभी सात खाद्य श्रेणियों को पूरा करता है.
  • देश की खाद्य आत्मनिर्भरता का श्रेय कृषि, सिंचाई, बुनियादी ढांचे और किसान शिक्षा में निरंतर निवेश को दिया जाता है, जिसमें इसके कृषि बजट में 468% की वृद्धि हुई है.
  • गुयाना ने महत्वपूर्ण वनों की कटाई के बिना यह हासिल किया है, अपने मूल वन आवरण के 85% से अधिक को संरक्षित किया है, जो कई अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों के विपरीत है.
  • भारतीय पाक कला का प्रभाव मजबूत है, जिसमें दाल पूरी, करी, बारा, विभिन्न रोटियां, गुयानी करी, सत भाजी और परमिगी और मिठाई जैसे व्यंजन लोकप्रिय हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गुयाना दुनिया का एकमात्र खाद्य आत्मनिर्भर देश है, जो स्थानीय उत्पादन और समृद्ध भारतीय विरासत पर पनप रहा है.

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