महिलाओं के विकास के लिए सरकार की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं. (फाइल फोटो)
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News1824-01-2026, 05:06

इंदिरा गांधी के फैसले से बेटियों का जलवा: कोडिंग से कॉकपिट तक भारत की नारी शक्ति

  • 24 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, इसी दिन 2008 से 'राष्ट्रीय बालिका दिवस' मनाया जाता है.
  • भारत में लिंगानुपात सुधरकर प्रति हजार पुरुषों पर 1020 महिलाएं हुआ, हालांकि जन्म के समय लिंगानुपात अभी भी 930 है.
  • 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के 11वें वर्ष में हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार और सामाजिक सोच में बदलाव आया है.
  • 'सुकन्या समृद्धि योजना' और 'कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव' जैसी योजनाएं बालिकाओं को आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त कर रही हैं.
  • लड़कियां STEM क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं, 'AI फॉर ऑल' और 'उड़ान' जैसी पहलें उन्हें प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग में बढ़ावा दे रही हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इंदिरा गांधी के ऐतिहासिक नेतृत्व ने भारतीय लड़कियों को सशक्त किया है, जो अब हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं.

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