पीएम मोदी का दशक भर का प्रयास: कैसे 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' ने भारत में बालिका की स्थिति बदली.

ओपिनियन
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News18•23-01-2026, 11:47
पीएम मोदी का दशक भर का प्रयास: कैसे 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' ने भारत में बालिका की स्थिति बदली.
- •पीएम मोदी ने 2015 में पानीपत, हरियाणा से 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' (बीबीबीपी) योजना शुरू की, जहां बाल लिंगानुपात 1,000 लड़कों पर 819 लड़कियों का था.
- •एक दशक से अधिक समय तक, मोदी ने लाल किले से लगातार बालिका के महत्व पर जोर दिया, जिससे बीबीबीपी एक कल्याणकारी योजना से राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गई.
- •भारत में जन्म के समय लिंगानुपात 2011 में 914 से बढ़कर 2023 तक 930 हो गया, जिसमें कुरुक्षेत्र (743 से 980) और सोनीपत (808 से 939) जैसे जिलों में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया.
- •कार्यक्रम ने राजनीतिक प्रतिबद्धता को संस्थागत वितरण के साथ जोड़ा, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और शिक्षकों को एकीकृत किया गया, जिससे संस्थागत प्रसव (61% से 97.3%) और पहली तिमाही में प्रसवपूर्व पंजीकरण (61% से 71%) जैसे स्वास्थ्य मेट्रिक्स में सुधार हुआ.
- •'सेल्फी विद डॉटर्स' और कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव (100,786 लड़कियों का पुन: नामांकन) जैसी पहलों ने सांस्कृतिक बदलाव को बढ़ावा दिया, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना ने वित्तीय सुरक्षा प्रदान की, जिसमें उत्तरी गुजरात में 4.5 लाख खाते खोले गए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लगातार शीर्ष-स्तरीय राजनीतिक संदेश और एकीकृत प्रयासों ने भारत में बालिका की स्थिति को बदल दिया है.
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