महाभारत काल में नियोग प्रथा: पति के बिना भी कैसे होते थे बच्चे?
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News1818-02-2026, 19:31

महाभारत काल में नियोग प्रथा: पति के बिना भी कैसे होते थे बच्चे?

  • महाभारत काल में नियोग एक शास्त्र-सम्मत प्रथा थी, जिसमें पति के असमर्थ या मृत होने पर महिलाएं वंश चलाने के लिए दूसरे पुरुष से संतान प्राप्त करती थीं.
  • नियोग से जन्मी संतान वैध मानी जाती थी और पति को ही उसका पिता माना जाता था; यह प्रथा महिला की सहमति से होती थी.
  • धृतराष्ट्र, पांडु, विदुर और महर्षि वेद व्यास जैसे कई प्रमुख पात्र नियोग से ही जन्मे थे, जो इसकी व्यापकता दर्शाते हैं.
  • पांडवों की परदादी सत्यवती ने राजा शांतनु से विवाह से पहले ऋषि पराशर से नियोग द्वारा वेद व्यास को जन्म दिया था.
  • समय के साथ सामाजिक, नैतिक और धार्मिक विचारों में बदलाव, पवित्रता और एकाकी विवाह की अवधारणाओं के मजबूत होने तथा संपत्ति अधिकारों पर विवादों के कारण नियोग प्रथा समाप्त हो गई.

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