नूरजहां की शाही रसोई: खाने में कमी पर नौकरी जाती, कांपते थे बावर्ची.

ज्ञान
N
News18•16-12-2025, 13:09
नूरजहां की शाही रसोई: खाने में कमी पर नौकरी जाती, कांपते थे बावर्ची.
- •नूरजहां शाही रसोई और खानपान को लेकर बेहद सख्त थीं, खाने में जरा भी कमी बर्दाश्त नहीं करती थीं.
- •वह शाही किचन को सत्ता, शान और नियंत्रण का प्रतीक मानती थीं, जिस पर उनका पूरा हुक्म चलता था.
- •खाने में नमक ज्यादा होने या खुशबू कम होने पर वह रसोइयों को कड़ी फटकार लगाती थीं और नौकरी से भी निकाल देती थीं.
- •उन्होंने शाही रसोई में ईरानी-मध्य एशियाई परंपराओं को बढ़ावा दिया, जिसमें हल्के मसाले और खुशबूदार सामग्री का उपयोग होता था.
- •इतिहासकार मानते हैं कि उनकी सख्ती व्यक्तिगत चिड़चिड़ापन नहीं, बल्कि सत्ता और शाही गरिमा बनाए रखने का तरीका था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नूरजहां का रसोई पर नियंत्रण उसकी सत्ता और शाही गरिमा का प्रतीक था.
✦
More like this
Loading more articles...





