তাঁর চোখেই অন্য আঙ্গিকে কলকাতাকে চিনেছিল পাঠকমহল
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News1820-02-2026, 11:38

शंकर: वह साहित्यकार जिसने 'दूसरे कोलकाता' को अपनी लेखनी से जीवंत किया.

  • प्रसिद्ध लेखक शंकर का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया, उन्होंने कोलकाता के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने वाली साहित्यिक विरासत छोड़ी.
  • उनकी रचनाएँ, 'कतो अजानारे' से लेकर 'चौरंगी' और 'द मिडिलमैन' तक, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और नैतिक पतन के विषयों पर आधारित थीं.
  • उनके उपन्यास 'द मिडिलमैन' को सत्यजीत रे ने 'जना अरण्य' फिल्म में रूपांतरित किया, जिसमें एक शिक्षित युवक के भ्रष्टाचार में फंसने को दर्शाया गया है.
  • शंकर को 2020 में 'एका एका एकासी' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला और 2019 में उन्हें कोलकाता के 'शेरिफ' के रूप में सम्मानित किया गया.
  • उनके कार्यों ने कोलकाता के सार को दर्शाया, 'साहिब पारा' से लेकर मध्यम वर्ग के संघर्षों तक, पाठकों को एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान किया.

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