शीतलहर-प्रदूषण का कॉम्बो: एम्स ओपीडी में बढ़े मरीज, किन लोगों को ज्यादा खतरा?

जीवनशैली
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News18•13-01-2026, 15:40
शीतलहर-प्रदूषण का कॉम्बो: एम्स ओपीडी में बढ़े मरीज, किन लोगों को ज्यादा खतरा?
- •एम्स के प्रोफेसर संजीव सिन्हा ने दिल्ली में शीतलहर और प्रदूषण के कारण बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर प्रकाश डाला.
- •पहले से बीमार लोग, खासकर पुरानी फेफड़ों की बीमारियों वाले, श्वसन रोगों के अधिक जोखिम में हैं.
- •गिरता तापमान श्वासनली को संकुचित करता है, जिससे सीओपीडी और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस के मरीजों को सांस लेने में कठिनाई होती है.
- •आपातकालीन वार्डों में लगातार खांसी और बलगम की शिकायत वाले सीओपीडी के मामलों में वृद्धि; प्रदूषण से निमोनिया का खतरा.
- •सलाह: अनावश्यक ठंड से बचें, दवाएं नियमित लें, गंभीर लक्षणों पर तुरंत अस्पताल जाएं, गर्म कपड़े पहनें, हाइड्रेटेड रहें और पौष्टिक भोजन करें.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली में शीतलहर और प्रदूषण का कॉम्बो कमजोर समूहों के लिए श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है.
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