वर्ल्ड साड़ी डे: सिल्क साड़ी भारत का कालातीत खजाना, सिल्क रोड से स्टेटस सिंबल तक.

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News18•21-12-2025, 10:37
वर्ल्ड साड़ी डे: सिल्क साड़ी भारत का कालातीत खजाना, सिल्क रोड से स्टेटस सिंबल तक.
- •वर्ल्ड साड़ी डे पर भारतीय संस्कृति, परंपरा और महिला गरिमा का प्रतीक हैं सिल्क साड़ियां.
- •इनका इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा है, रेशम चीन के सिल्क रोड से भारत आया था.
- •कांचीपुरम, बनारस, मैसूर, धर्मावरम और पैठणी जैसे प्रमुख केंद्र विशिष्ट सिल्क साड़ियां बनाते हैं.
- •टसर, एरी, मूगा और मलबेरी रेशम से बनी सिल्क साड़ियां अपनी सुंदरता, भव्यता और विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं.
- •असली सिल्क की पहचान स्पर्श, चमक, वजन, बर्न टेस्ट, पानी सोखने और सिल्क मार्क टैग से की जा सकती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सिल्क साड़ियां भारत की समृद्ध विरासत, प्राचीन इतिहास और कालातीत सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक हैं.
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