वर्ल्ड साड़ी डे: ऋग्वेद से इंस्टाग्राम तक, साड़ी का 5000 साल का सफर.

जीवनशैली
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News18•21-12-2025, 05:01
वर्ल्ड साड़ी डे: ऋग्वेद से इंस्टाग्राम तक, साड़ी का 5000 साल का सफर.
- •वर्ल्ड साड़ी डे 21 दिसंबर को मनाया जाता है, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा का सम्मान करता है, महिलाएं सोशल मीडिया पर साड़ी की तस्वीरें साझा करती हैं.
- •साड़ी का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है, जो Indus Valley Civilization से जुड़ा है, ऋग्वेद में इसका उल्लेख है और इसके शुरुआती रूप Antriya, Uttariya, Stanapatta थे.
- •प्राचीन मूर्तियों से लेकर आधुनिक फैशन वीक तक, साड़ी Mauryan, Gupta, Mughal और ब्रिटिश काल सहित विभिन्न युगों में विकसित हुई, जिसमें विविध कला और शैलियाँ शामिल हैं.
- •भारत में Banarasi, Kanchipuram, Patola, Nauvari, Paithani, Chanderi और Baluchari जैसी क्षेत्रीय साड़ियों की समृद्ध विविधता है, जो अद्वितीय परंपराओं और शिल्प कौशल को दर्शाती हैं.
- •आज, साड़ी परंपरा को आधुनिकता के साथ जोड़ती है, नए ड्रेपिंग स्टाइल, एक्सेसरीज और सोशल मीडिया पर इसकी उपस्थिति में देखी जाती है, जो भारत की पहचान, शक्ति और सुंदरता का प्रतीक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वर्ल्ड साड़ी डे भारत के 5000 साल पुराने सांस्कृतिक प्रतीक का जश्न मनाता है, जो परंपरा को आधुनिक शैली से जोड़ता है.
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