25 किलो के कंगन पर भरेवा जनजाति का इतिहास: बलदेव वाघमारे की अनूठी कलाकृति.

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News18•23-02-2026, 16:12
25 किलो के कंगन पर भरेवा जनजाति का इतिहास: बलदेव वाघमारे की अनूठी कलाकृति.
- •भरेवा हस्तशिल्प कलाकार बलदेव वाघमारे ने अपनी जनजाति के जीवन को दर्शाते हुए 25 किलो का पीतल का कंगन बनाया.
- •राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित वाघमारे ने भरेवा जनजाति की जीवनशैली, वेशभूषा, भोजन और संस्कृति को प्रदर्शित किया.
- •यह अनूठा कंगन मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की भरेवा जनजाति की विशिष्ट पहचान को उजागर करता है.
- •कंगन बनाने की प्रक्रिया में इसे ढालना, डिजाइन तत्वों को अलग से ढालना और धातु निर्माण तकनीकों का उपयोग करके उन्हें जोड़ना शामिल था.
- •बलदेव वाघमारे 20 से अधिक वर्षों से भरेवा आदिवासी शिल्प बना रहे हैं, जिसके कारण उनके गांव का नाम क्राफ्ट विलेज टिगरिया रखा गया है.
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