धान की धरती पर सब्जियों की बहार: बालाघाट का किरनापुर कछार बना किसानों की पहचान

बालाघाट
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News18•09-01-2026, 22:35
धान की धरती पर सब्जियों की बहार: बालाघाट का किरनापुर कछार बना किसानों की पहचान
- •बालाघाट जिले का किरनापुर तहसील, जो धान के लिए जाना जाता था, अब सब्जियों के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन गया है.
- •सोन और बाघ नदियों द्वारा निर्मित कछार, बाढ़ से लाई गई उपजाऊ रेतीली दोमट मिट्टी के कारण अत्यधिक उर्वर हैं.
- •किसान साल में 8-9 महीने खेती करते हैं, प्राकृतिक जैविक खेती का लाभ उठाते हुए क्योंकि मिट्टी में अलग से खाद की आवश्यकता नहीं होती.
- •मुरकुड़ा गांव में एक मराठे परिवार की 15 पीढ़ियां बाघ नदी के किनारे 20 एकड़ कछार भूमि पर सब्जी उगाती हैं.
- •किरनापुर की सब्जियां, जिनमें मिर्च, बैंगन और आलू शामिल हैं, बालाघाट, गोंदिया (महाराष्ट्र) और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मांग में हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: किरनापुर के उपजाऊ कछार ने बालाघाट को एक समृद्ध सब्जी केंद्र में बदल दिया है जिसकी दूर-दूर तक मांग है.
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