गणगौर पर्व: राजस्थान से निमाड़ तक 10 दिवसीय उत्सव की विशेष महत्ता
Loading more articles...
राजस्थान से निमाड़ तक गणगौर की धूम: 10 दिन का यह पर्व क्यों है इतना खास?
N
News18•17-03-2026, 13:07
राजस्थान से निमाड़ तक गणगौर की धूम: 10 दिन का यह पर्व क्यों है इतना खास?
•गणगौर पर्व राजस्थान से निमाड़ और मालवा क्षेत्रों में भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित 10 दिवसीय उत्सव है, जो महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है.
•निमाड़ में, होली के बाद महिलाएं होली की राख से पांच कंकड़ चुनकर देवी की मूर्ति स्थापित करती हैं और गेहूं के अंकुरों से 11 ढेर बनाती हैं.
•देवी के साथ भगवान गणेश की स्थापना की जाती है और अखंड दीप जलाया जाता है; महिलाएं पूजा सामग्री के साथ सामूहिक पूजा और भजन-कीर्तन के लिए 'बाड़ी' जाती हैं.
•यह निमाड़-मालवा का सबसे प्रसिद्ध लोक पर्व है, जो चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी से शुरू होकर शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को ज्वारा विसर्जन के साथ समाप्त होता है.
•त्योहार के अंतिम दिनों में महिलाएं और युवतियां दुल्हन की तरह सजकर गणगौर माता और ईसरजी की पूजा करती हैं, पारंपरिक झलारिया गीत गाती हैं और लोक खेल खेलती हैं.