सतना में पिल्लों पर मंडराया Parvovirus का खतरा, रेबीज ही नहीं, ये टीके भी जरूरी.
सतना में पिल्लों पर मंडराया Parvovirus का खतरा, रेबीज ही नहीं, ये टीके भी जरूरी.
- •सतना में पालतू और आवारा पिल्ले Parvovirus के गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं, जनवरी के अंत से मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.
- •जिला पशु चिकित्सालय की ओपीडी में रोजाना 20-25 पिल्ले Parvo जैसे लक्षणों के साथ आ रहे हैं; विशेषज्ञ तेजी से फैलने और उच्च मृत्यु दर की चेतावनी देते हैं.
- •Parvovirus अत्यधिक संक्रामक है, जो मुख्य रूप से 6 सप्ताह से 6 महीने के पिल्लों को प्रभावित करता है, जिससे बुखार, उल्टी, खूनी दस्त और निर्जलीकरण होता है.
- •रेबीज के अलावा, Parvo टीकाकरण महत्वपूर्ण है: 30 दिन की उम्र में पहली खुराक, चार सप्ताह बाद बूस्टर और 16 सप्ताह तक नियमित टीके.
- •रोकथाम में भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों से बचना, रहने की जगह को साफ करना, बीमार कुत्तों को अलग करना और पौष्टिक भोजन देना शामिल है.