रीवा की आत्मा: बेहर, बिछिया, सोन नदियां बनाती हैं महत्वपूर्ण त्रिवेणी संगम.

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News18•08-01-2026, 16:15
रीवा की आत्मा: बेहर, बिछिया, सोन नदियां बनाती हैं महत्वपूर्ण त्रिवेणी संगम.
- •मध्य प्रदेश के रीवा की पहचान बेहर, बिछिया और सोन नदियां हैं, जिन्हें विंध्य क्षेत्र की आत्मा और जीवनरेखा माना जाता है.
- •ये नदियां कृषि, जल आपूर्ति और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो हरियाली, वन्यजीव और मानव जीवन को बनाए रखती हैं.
- •रीवा के राजघाट पर बेहर, बिछिया और सोन नदियों का एक अनूठा त्रिवेणी संगम बनता है, जो प्रयागराज के संगम जैसा है.
- •यह संगम एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो रीवा की सुंदरता बढ़ाता है और पर्यटकों को आकर्षित करता है.
- •संगम के बाद, संयुक्त धारा सोन नदी के रूप में बहती है, अंततः टोंस, बेलन और फिर गंगा में मिलकर बंगाल की खाड़ी में जाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रीवा की बेहर, बिछिया और सोन नदियां एक महत्वपूर्ण त्रिवेणी संगम बनाती हैं, जो जीवन और पर्यटन को बनाए रखता है.
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