शिवलिंग दुर्लभ अवशेष 
सागर
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News1819-01-2026, 16:03

सोमनाथ शिवलिंग का रहस्य: हवा में तैरता था, वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए गुत्थी.

  • महमूद गजनवी द्वारा नष्ट किए गए सोमनाथ शिवलिंग के मूल अवशेष सागर पहुंचे, हजारों भक्तों ने किए दर्शन.
  • माना जाता है कि मूल शिवलिंग हवा में निलंबित रहता था और जमीन को नहीं छूता था, जिसकी वजह उसकी विशेष ऊर्जा थी.
  • भूवैज्ञानिकों ने अवशेषों की जांच में पाया कि वे पृथ्वी पर न मिलने वाली सामग्री से बने हैं और उनमें चुंबकीय गुण हैं.
  • अग्निहोत्री ब्राह्मण परिवार ने 1025 ईस्वी में महमूद गजनवी के हमले के बाद 100 वर्षों तक इन अवशेषों की गुप्त पूजा की.
  • 2007 में वैज्ञानिकों ने टुकड़ों के भीतर एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र पाया, जो एक दुर्लभ चुंबकीय पत्थर और असामान्य क्रिस्टलीय संरचना का संकेत देता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सोमनाथ शिवलिंग के रहस्यमयी अवशेष, अज्ञात चुंबकीय सामग्री से बने, वैज्ञानिकों के लिए आज भी एक पहेली हैं.

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