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साल में एक बार होने वाला यह खगोलीय खेल: आज दिन-रात क्यों हुए बराबर, उज्जैन का क्या है संबंध?
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उज्जैन: आज क्यों बराबर हुए दिन-रात? जानिए भारत के 'ग्रीनविच' का खगोलीय रहस्य.
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News18
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20-03-2026, 13:02
उज्जैन: आज क्यों बराबर हुए दिन-रात? जानिए भारत के 'ग्रीनविच' का खगोलीय रहस्य.
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उज्जैन प्राचीन काल से खगोल विज्ञान और समय गणना का प्रमुख केंद्र रहा है, जिसे भारत का 'ग्रीनविच' कहा जाता था.
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लगभग 21 मार्च को विषुव (Equinox) होता है, जब पृथ्वी पर दिन और रात लगभग बराबर होते हैं.
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इस घटना के बाद सूर्य उत्तरी गोलार्ध में प्रवेश करता है, जिससे दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं.
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उज्जैन की जीवाजी वेधशाला में 'शंकु यंत्र' और 'नाड़ी वलय यंत्र' जैसे उपकरणों से सूर्य की स्थिति और समय की सटीक गणना की जाती थी.
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महाराजा जय सिंह द्वितीय द्वारा 1733 में निर्मित यह वेधशाला 300 साल पुरानी वैज्ञानिक विरासत है, जहां आज भी इस घटना को देखा जा सकता है.
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