एक ही गोत्र में शादी क्यों मना? उज्जैन के आचार्य ने बताया बड़ा कारण.

उज्जैन
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News18•28-12-2025, 11:46
एक ही गोत्र में शादी क्यों मना? उज्जैन के आचार्य ने बताया बड़ा कारण.
- •एक ही गोत्र के स्त्री-पुरुषों को रक्त संबंधी माना जाता है, इसलिए विवाह वर्जित है.
- •उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, यह रिश्तों की पवित्रता और भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य के लिए है.
- •गोत्र का अर्थ वंश या कुल है, जो कश्यप या भारद्वाज जैसे एक ही ऋषि पूर्वज से जुड़ा होता है.
- •शास्त्रों के अनुसार, समान गोत्र में विवाह से वैवाहिक जीवन में बाधाएं और संतान में शारीरिक-मानसिक समस्याएं हो सकती हैं.
- •विवाह केवल प्रेम नहीं, बल्कि परंपरा, जिम्मेदारी और सामाजिक संतुलन का प्रतीक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: समान गोत्र में विवाह रक्त संबंध और भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य कारणों से वर्जित है.
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