एक ही गोत्र में शादी क्यों नहीं? धार्मिक और वैज्ञानिक कारण जानें.

धर्म
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News18•24-12-2025, 08:49
एक ही गोत्र में शादी क्यों नहीं? धार्मिक और वैज्ञानिक कारण जानें.
- •सनातन धर्म में विवाह एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसमें गोत्र के नियम का पालन भारतीय सामाजिक संरचना का आधार है.
- •गोत्र का अर्थ वंश या कुल है; एक ही गोत्र के लोग एक ही पूर्वज के वंशज और रक्त संबंधी माने जाते हैं.
- •धार्मिक रूप से, एक ही गोत्र में विवाह ऋषि परंपरा का उल्लंघन है, जिससे वैवाहिक दोष और संतान में समस्याएँ आती हैं.
- •वैज्ञानिक रूप से, एक ही गोत्र में विवाह (इनब्रीडिंग) से संतान में आनुवंशिक दोष और शारीरिक-मानसिक असामान्यताएँ बढ़ सकती हैं.
- •गोत्र नियमों का पालन धार्मिक कारणों के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य और विकास के लिए भी आवश्यक माना जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक ही गोत्र में विवाह धार्मिक मान्यताओं और आनुवंशिक दोषों के वैज्ञानिक जोखिमों के कारण टाला जाता है.
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