राकेश जगरलामुडी: 'खुदीराम बोस का किरदार निभाना मेरा सौभाग्य, जो मौत पर मुस्कुराए'.

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News18•28-12-2025, 09:11
राकेश जगरलामुडी: 'खुदीराम बोस का किरदार निभाना मेरा सौभाग्य, जो मौत पर मुस्कुराए'.
- •राकेश जगरलामुडी ने क्रांतिकारी खुदीराम बोस का किरदार निभाना एक गहरा सम्मान और जीवन बदलने वाला अनुभव बताया, जो 18 साल की उम्र में शहीद हुए.
- •उन्होंने 90 दिनों का कठोर प्रशिक्षण लिया, जिसमें 'मयूरखा फिल्म इंस्टीट्यूट' में अभिनय कौशल और ऐतिहासिक किताबों का अध्ययन शामिल था.
- •राकेश खुदीराम बोस द्वारा 'वंदे मातरम' के प्रचार और सिस्टर निवेदिता से उनके जुड़ाव, पहले भारतीय ध्वज को ले जाने से हैरान थे.
- •सबसे भावनात्मक दृश्य खुदीराम बोस का फांसी पर चढ़ना था, जिसने राकेश में साहस और सच्चाई के प्रति निडरता पैदा की.
- •फिल्म को गोवा फिल्म फेस्टिवल में स्टैंडिंग ओवेशन मिला और संसद में सांसदों को भावुक कर दिया, अब 'वेव्स' ऐप पर मुफ्त उपलब्ध है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: खुदीराम बोस का किरदार निभाना राकेश जगरलामुडी के लिए एक गहरा, परिवर्तनकारी अनुभव था, जिसने देशभक्ति और साहस को प्रेरित किया.
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