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News1824-01-2026, 12:26

1958 गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्‍ट: चीन के मार्शल ये जियानयिंग ने आंकी भारत की सैन्‍य ताकत

  • 1958 में, चीन के मार्शल ये जियानयिंग भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि थे, जो 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' दोस्ती का प्रतीक था.
  • शीर्ष सैन्य नेता ये जियानयिंग ने अपनी यात्रा के दौरान भारत की सैन्य शक्ति का आकलन किया था.
  • चार साल बाद, 1962 में, चीन ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया, जिससे उनकी 'दोस्ती' का असली चेहरा सामने आया.
  • चीन ने पंचशील जैसे राजनयिक प्रस्तावों का इस्तेमाल किया, जबकि अक्साई चिन में गुप्त रूप से बुनियादी ढांचा बना रहा और मैकमोहन रेखा को मान्यता नहीं दी.
  • 1962 का युद्ध दोस्ती की आड़ में चीन के रणनीतिक विस्तार और सैन्य तैयारियों का परिणाम था.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चीन की 1958 की गणतंत्र दिवस यात्रा 1962 के युद्ध से पहले एक रणनीतिक कदम था.

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