गुजरात विवाह अधिनियम संशोधन: बेटियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित
Loading more articles...
गुजरात विवाह अधिनियम में बदलाव: धोखे से शादी रोकने के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य.
N
News18•20-02-2026, 13:31
गुजरात विवाह अधिनियम में बदलाव: धोखे से शादी रोकने के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य.
•गुजरात सरकार ने धोखे से होने वाली अंतरधार्मिक शादियों पर अंकुश लगाने के लिए विवाह पंजीकरण अधिनियम में बड़े बदलाव प्रस्तावित किए हैं.
•उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विधानसभा में संशोधन पेश किए, जिसमें विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में माता-पिता की सहमति को अनिवार्य बनाया गया है.
•एक अलग पोर्टल बनाया जाएगा जहां माता-पिता को सूचित किया जाएगा और उनकी सहमति प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा होगी.
•नए नियमों में नोटरीकृत आवेदन, पहचान प्रमाण और माता-पिता का विवरण शामिल है; सहायक रजिस्ट्रार 10 कार्य दिवसों के भीतर माता-पिता को सूचित करेगा.
•ये संशोधन पंचमहाल जिले में सामने आए मामलों और विभिन्न समुदायों की मांगों के बाद लाए गए हैं, जिसका उद्देश्य बेटियों और सामाजिक परंपराओं की रक्षा करना है.