इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उषा पाढी की जमकर सराहना की.
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News1804-01-2026, 20:11

IAS अधिकारी की करुणा ने ओडिशा में भिखारी बच्चे का भाग्य बदला.

  • ओडिशा में IAS अधिकारी उषा पाढ़ी ने भुवनेश्वर के श्री राम मंदिर के पास एक बीमार पिता के साथ भीख मांगते बच्चे को देखकर अपनी गाड़ी रोकी.
  • पिता की बीमारी, इलाज के लिए पैसे की कमी और सरकारी योजनाओं की जानकारी न होने पर पाढ़ी ने तुरंत भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) से संपर्क किया.
  • BMC की भिखारी पुनर्वास समिति तुरंत मौके पर पहुंची और बच्चे व उसके पिता को बचाया.
  • उन्हें ओडिशा सरकार के 'सहाय' शेल्टर होम भेजा गया, जो भोजन, आश्रय, चिकित्सा देखभाल और बच्चों के लिए शिक्षा प्रदान करता है.
  • पाढ़ी की त्वरित, करुणामयी कार्रवाई को संवेदनशील प्रशासन और "करुणामयी शासन" का उदाहरण बताया गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक IAS अधिकारी के करुणामयी हस्तक्षेप ने भीख मांगने वाले बच्चे और उसके पिता को नया जीवन दिया.

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