
ड्रोन और उपग्रह प्रौद्योगिकी में भारत-रूस सहयोग से, उन्नत स्वदेशी क्षमताओं के विकास को बढ़ावा देकर भारत के आत्मनिर्भरता लक्ष्यों को मजबूत होने की उम्मीद है।
भारतीय युवा रूस के इनोप्रैक्टिका टेक्नोलॉजी हब से उन्नत ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक सीखेंगे। यह हब कानपुर में एक नई हाई-टेक लैब में प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
रक्षा के अलावा, नागरिक अनुप्रयोगों में कृषि, लॉजिस्टिक्स और वितरण शामिल हैं। इन प्रौद्योगिकियों का उपयोग समुद्री निगरानी और अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए भी किया जा सकता है।