Pralay Missile: DRDO ने सतह से सतह पर मार करने वाली प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल कई मायनों में खास है. (फोटो: PTI)
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News1802-01-2026, 07:19

प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण: ब्रह्मोस से तेज, दुश्मनों का काल, सेना में शामिल होने को तैयार.

  • DRDO ने 31 दिसंबर 2025 को चांदीपुर, ओडिशा से स्वदेशी 'प्रलय' टैक्टिकल क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया.
  • एक ही लॉन्चर से दो मिसाइलों का पहला साल्वो लॉन्च, दोनों ने सटीक निशाना साधा, विश्वसनीयता और युद्ध क्षमता साबित हुई.
  • 'प्रलय' 150-500 किमी रेंज की सतह से सतह पर मार करने वाली, ठोस ईंधन वाली क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जो उड़ान में दिशा बदल सकती है.
  • यह रूस की इस्कंदर-एम और चीन की DF-12 से गति (मैक 6.1) और वारहेड क्षमता (1000 किग्रा तक) में बेहतर है, भारत की सैन्य शक्ति बढ़ाएगी.
  • पूर्णतः स्वदेशी विकास 'आत्मनिर्भर भारत' को मजबूत करता है, भारतीय सेना में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त करता है और रक्षा तैयारी को बढ़ावा देता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की स्वदेशी प्रलय मिसाइल ने साल्वो परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, अपनी उन्नत क्षमताओं और सेना में शामिल होने की तैयारी साबित की.

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