
सरकार की योजना है कि 2026 के बाद नक्सलवाद उन्मूलन की समय सीमा के उपरांत, विकास और सुरक्षा में प्राप्त उपलब्धियों को निरंतर सुरक्षा दबाव और पुनर्वास प्रयासों के साथ-साथ कौशल के संयोजन से बनाए रखा जाए।
पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों में आदिवासी परिवारों का विस्थापन और उनके पुन: एकीकरण के लिए उनका संघर्ष शामिल है।
प्रदान किए गए स्रोतों में सिकुड़ते लाल गलियारे के बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं है जिससे विद्रोह या संगठित अपराध के नए रूप सामने आ रहे हों।