बाना सिंह के साहस को सलाम.
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News1806-01-2026, 05:01

सियाचिन के 'बाना टॉप' की खूनी दास्तान: जब एक हिंदुस्तानी शेर ने पाकिस्तानियों को बर्फ में गाड़ दिया.

  • जून 1987 में, बाना सिंह ने सियाचिन ग्लेशियर पर 21,153 फीट की ऊंचाई पर स्थित पाकिस्तान की 'कायद पोस्ट' को फिर से हासिल करने के लिए एक साहसी मिशन का नेतृत्व किया.
  • अत्यधिक ठंड, ऑक्सीजन की कमी और 90 डिग्री की बर्फीली दीवार का सामना करते हुए, बाना सिंह और उनकी टीम ने भीषण बर्फीले तूफान के बीच असंभव को पार किया.
  • ठंड के कारण राइफलें जाम होने के बावजूद, बाना सिंह ने ग्रेनेड का इस्तेमाल किया और पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो के साथ आमने-सामने की लड़ाई लड़ी.
  • भारतीय टीम ने सफलतापूर्वक पोस्ट पर कब्जा कर लिया, जिसे उनकी असाधारण बहादुरी के सम्मान में 'बाना टॉप' नाम दिया गया.
  • परम वीर चक्र से सम्मानित, बाना सिंह ने बाद में कठिनाइयों का सामना किया लेकिन एक देशभक्त बने रहे, और हाल ही में एक अंडमान द्वीप का नाम 'बाना द्वीप' रखा गया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बाना सिंह की अद्वितीय बहादुरी ने सियाचिन में एक महत्वपूर्ण पोस्ट सुरक्षित की और उन्हें सर्वोच्च सम्मान दिलाया.

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