कोणार्क सूर्य मंदिर का रहस्य: ब्लैक पैगोडा के पीछे के चौंकाने वाले सच.

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News18•30-12-2025, 19:36
कोणार्क सूर्य मंदिर का रहस्य: ब्लैक पैगोडा के पीछे के चौंकाने वाले सच.
- •कोणार्क सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य की मूर्ति शक्तिशाली चुंबकीय प्रणाली के कारण हवा में तैरती थी.
- •पुर्तगालियों ने मुख्य चुंबक हटा दिया, जिससे मंदिर का संतुलन बिगड़ा और मूर्ति गिर गई, क्योंकि यह उनके कंपास में बाधा डालता था.
- •13वीं शताब्दी में राजा नरसिंहदेव प्रथम द्वारा निर्मित, इसे बनाने में 12 साल और 1200 मूर्तिकार लगे; धर्मपदा की दुखद कहानी भी इससे जुड़ी है.
- •मंदिर के 24 पहिये सटीक धूपघड़ी के रूप में कार्य करते हैं, जो प्राचीन भारतीय खगोलीय ज्ञान को दर्शाते हैं.
- •मुख्य शिखर हमलों, प्राकृतिक आपदाओं और वास्तुशिल्प दोषों के कारण ढह गया; अंग्रेजों ने 1903 में जगमोहन को रेत से भरकर संरक्षित किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कोणार्क मंदिर प्राचीन इंजीनियरिंग, खगोलीय प्रतिभा और समृद्ध इतिहास का एक अद्भुत संगम है.
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