বঙ্কিমচন্দ্র
दक्षिण बंगाल
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News1802-01-2026, 16:35

नेगुआ मंदिर में बंकिम चंद्र की छाया: 'कपालकुंडला' के जन्म की अनसुनी कहानी.

  • पूर्वी मेदिनीपुर के नेगुआ स्थित सिद्धेश्वर जियू मंदिर में साहित्य सम्राट बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से जुड़े अज्ञात ऐतिहासिक तथ्य छिपे हैं.
  • डिप्टी मजिस्ट्रेट के रूप में नेगुआ दौरे पर बंकिम चंद्र का मंदिर के संस्थापक चौधरी जमींदार परिवार से गहरा संबंध बना.
  • 18वीं सदी में हरनारायण चौधरी द्वारा निर्मित यह मंदिर पंचरथ शैली का शिखर देउल है, जो स्थापत्य कला की दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
  • स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, 9 फरवरी, 1860 को नेगुआ में बंकिम चंद्र के प्रवास ने उनके उपन्यास 'कपालकुंडला' की प्रेरणा दी.
  • यह मंदिर बंकिम चंद्र की यादों और चौधरी जमींदार परिवार के गौरवशाली इतिहास का एक जीवंत प्रमाण है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नेगुआ का सिद्धेश्वर जियू मंदिर बंकिम चंद्र के ऐतिहासिक संबंधों और 'कपालकुंडला' की प्रेरणा का खुलासा करता है.

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