जलपाईगुड़ी के जयदीप मोहंता: मूक-बधिर होकर भी पीठा बेचकर चला रहे परिवार.

उत्तर बंगाल
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News18•26-12-2025, 16:09
जलपाईगुड़ी के जयदीप मोहंता: मूक-बधिर होकर भी पीठा बेचकर चला रहे परिवार.
- •जलपाईगुड़ी के जयदीप मोहंता, जो बोल और सुन नहीं सकते, सर्दियों में पीठा बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं.
- •वह बिस्वा बांग्ला क्रीड़ांगन में अपनी दुकान अकेले चलाते हैं, ग्राहकों से इशारों और स्पष्ट कीमतों के माध्यम से संवाद करते हैं.
- •अपनी अक्षमताओं के बावजूद, जयदीप ने कभी भीख नहीं मांगी और हमेशा कड़ी मेहनत पर भरोसा किया, पहले मजदूरी और छोटे-मोटे काम किए.
- •पिता के निधन के बाद, उनकी पीठा बिक्री से होने वाली आय से उनकी बूढ़ी माँ, दो बहनें और एक भाई का गुजारा चलता है.
- •उनकी कहानी दर्शाती है कि शारीरिक अक्षमता गरिमापूर्ण जीवन जीने में बाधा नहीं बन सकती.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जयदीप मोहंता की कहानी दिखाती है कि शारीरिक अक्षमता गरिमा और आत्मनिर्भरता को नहीं रोक सकती.
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