कालचीनी के किसानों का 'मास्टरस्ट्रोक': हाथियों से तबाह खेत अब सरसों की खेती से बने सोने की खान!

उत्तर बंगाल
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News18•07-01-2026, 14:52
कालचीनी के किसानों का 'मास्टरस्ट्रोक': हाथियों से तबाह खेत अब सरसों की खेती से बने सोने की खान!
- •कालचीनी के मेंडाबाड़ी क्षेत्र के किसानों ने हाथियों के उत्पात के कारण धान की खेती छोड़ दी थी.
- •उन्होंने सरसों की खेती अपनाई, जिसे हाथी नहीं खाते, जिससे वन्यजीवों के हमलों से फसल सुरक्षित रहती है.
- •इस रणनीतिक बदलाव से कालचीनी ब्लॉक के वन-निकटवर्ती क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
- •जयंता राभा जैसे किसान लगातार हाथियों के खतरों से बड़ी राहत और पर्याप्त लाभ की रिपोर्ट कर रहे हैं.
- •कालचीनी ब्लॉक में सरसों की खेती एक बीघा से बढ़कर लगभग 2800 हेक्टेयर तक फैल गई है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सरसों की खेती ने कालचीनी के हाथी-प्रभावित खेतों को किसानों के लिए लाभदायक उद्यमों में बदल दिया है.
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