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पुरुलिया
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News1826-12-2025, 23:15

पुरुलिया का क्रोशजुड़ी: प्राचीन स्थल पर जैन-बौद्ध-हिंदू एकता, उत्पत्ति पर बहस.

  • पुरुलिया के काशीपुर स्थित क्रोशजुड़ी गांव एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है, जिसका नाम 'क्रोश' क्षेत्र में फैले होने के कारण पड़ा.
  • यहां प्राचीन जैन और बौद्ध मूर्तियां मिली हैं, जिन्हें स्थानीय लोग अब हिंदू देवताओं के रूप में पूजते हैं, जो धार्मिक सद्भाव दर्शाती हैं.
  • शोधकर्ता सिद्धेश्वर डे के अनुसार, ये मूर्तियां मान राजाओं के शासनकाल की मानी जाती हैं, जो उस युग की धार्मिक मान्यताओं को दर्शाती हैं.
  • पुरातत्वविदों में क्रोशजुड़ी की उत्पत्ति की तिथि (5वीं, 8वीं या 12वीं शताब्दी) को लेकर मतभेद हैं, जिससे इसका रहस्य और बढ़ जाता है.
  • अपने समृद्ध इतिहास और अनसुलझे सवालों के कारण क्रोशजुड़ी शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आकर्षक और मूल्यवान स्थल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पुरुलिया का क्रोशजुड़ी प्राचीन धार्मिक मिश्रण और ऐतिहासिक बहस को उजागर करने वाला एक रहस्यमय स्थल है.

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