अरावली संकट: 350 करोड़ साल पुरानी विरासत खतरे में, उत्तर भारत का संतुलन दांव पर.

जयपुर
N
News18•21-12-2025, 08:02
अरावली संकट: 350 करोड़ साल पुरानी विरासत खतरे में, उत्तर भारत का संतुलन दांव पर.
- •केंद्र सरकार द्वारा अरावली की परिभाषा बदलने के प्रयासों से राजस्थान में राजनीतिक हंगामा, संरक्षण पर खतरा.
- •विपक्ष का आरोप है कि नई परिभाषा से 90% पहाड़ संरक्षण से बाहर होंगे, खनन और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा.
- •350 करोड़ साल पुरानी अरावली उत्तर भारत के पर्यावरण संतुलन, मरुस्थल विस्तार रोकने और भूजल रिचार्ज के लिए महत्वपूर्ण है.
- •इसके क्षरण से जल संकट गहराने, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने और जैव विविधता नष्ट होने का खतरा है.
- •कांग्रेस ने #SaveAravalli जन आंदोलन की घोषणा की, विशेषज्ञ 30-40% अरावली को पहले ही क्षतिग्रस्त बता रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अरावली की नई परिभाषा उत्तर भारत के पर्यावरण, जल और जैव विविधता को खतरे में डाल रही है, जिससे बड़ा विरोध हो रहा है.
✦
More like this
Loading more articles...





